जैन समाज की वरिष्ठ श्राविका हेमलता सुराणा का निधन


बखतगढ़ (धार) – श्वेतांबर मंदिर मार्गीय जैन श्रीसंघ की वरिष्ठ श्राविका हेमलता सुराणा (अंगूरबाला ) का गत दिवस उज्जैन में निधन हो गया। उनके निधन से जैन समाज में अपूरणीय क्षति हुई है। बखतगढ़ से भी उनकी अंतिम यात्रा में शामिल होने पहुंचे। वे आगमोद्धार सामायिक मंडल, चौमुखा जिनालय एवं त्रिस्तुतिक जैन संघ उज्जैन के सक्रिय वरिष्ठ सदस्य कैलाशचंद्र सुराणा (अमला वाला) की धर्मपत्नी एवं पीयूष सुराणा (आस्ट्रेलिया) की माताजी थी। साथ ही वे स्वर्गीय डॉ रविंद्र कावड़िया इंदौर, स्वर्गीय डॉ कैलाशचंद्र कावड़िया धार, सेवानिवृत व्यायाम निर्देशक विमल कावड़िया धार व कमल कावड़िया मुंबई की बहन एवं विजय दरड़ा गुड़गांव, जैन पत्रकार प्रकोष्ठ मालवा महासंघ के प्रदेश सलाहकार सचिव दिलीप दरड़ा बखतगढ़ तथा इंदौर के दीपक दरड़ा, अनिल दरड़ा, शैलेंद्र दरड़ा व संदीप दरड़ा के भुवा की लड़की थे। सेवा, समर्पण भाव रखने वाली 68 वर्षीय श्रीती सुराणा सरल स्वभावी, मिलनसार व्यक्तित्व की धनी एवं धार्मिक प्रवृति की थी। उनके निधन से परिवार एवं उज्जैन जैन समाज सहित बखतगढ़ व धार जैन समाज में भी शोक छा गया। गौरतलब है कि उनका मायका धार में एवं ननिहाल बखतगढ़ में है। अंतिम यात्रा उज्जैन में 21 मयूरेश ऋषि नगर एक्सटेंशन दिगम्बर जैन मंदिर गेट के सामने उनके निवास से निकलकर चक्रतीर्थ मुक्तिधाम पहुंची। अंतिम यात्रा में जैन समाज के अलावा विभिन्न धार्मिक, सामाजिक संस्थाओं के पदाधिकारियों, सदस्यों सहित बड़ी संख्या में गणमान्यजन ने शामील होकर मुक्तिधाम पर आयोजित शोकसभा में श्रद्धांजलि अर्पित कर शोक संवेदना व्यक्त की। 13 नवकार महामंत्र के सामूहिक ध्यान से उपस्थितजन ने दिवंगत आत्मा को उच्च गति मिलने और शीघ्र मोक्षत्व प्राप्ति की प्रार्थना की।



