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उज्जैन में जैन पत्रकार परिषद का “महाकुंभ, संवाद, सम्मान और संकल्प का हुआ भव्य संगम

आचार्यश्री विश्वरत्नसागर सूरीश्वरजी की अवार्ड         समारोह में रही विशेष निश्रा

बखतगढ़ व बदनावर तहसील के जैन पत्रकार भी हुए सम्मानित

अनिल जैन 

दिलीप दरड़ा

बदनावर/बखतगढ़  (धार) – जैन पत्रकार परिषद का “पत्रकार संगम” एवं ‘पत्रकार अवार्ड समारोह’ भव्यता, गरिमा और व्यापक सहभागिता के साथ उज्जैन में हुआ। शंकराचार्य मठ में आयोजित समारोह में विभिन्न राज्यों से जैन पत्रकारों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम का शुभारंभ मंगलाचरण एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। जिसके बाद पूरे वातावरण में आध्यात्मिक ऊर्जा और सकारात्मकता का संचार हुआ। आयोजन को विशेष आध्यात्मिक गरिमा प्रदान करने हेतु मालव भाषण आचार्य श्री नवरत्नसागर सूरीश्वर जी म. सा. के सुशिष्य युवा हृदय सम्राट आचार्य श्री विश्वरत्नसागर सूरीश्वरजी म. सा. की पावन निश्रा रही। इस समारोह ने पत्रकारिता को धर्म, नैतिकता और सत्य के साथ जोड़ने का संदेश दिया। समारोह में बखतगढ़ सहित बदनावर व तहसील के जैन पत्रकार शामिल होने उज्जैन पहुंचे। जिन्हें समारोह में सम्मानित किया गया। समारोह में उपस्थित सभी जैन पत्रकारों को विशेष उपहार भेंट किया।

जैन एवं जिनशासन के लिए एकजुटता का परिचय दे

आचार्यश्री विश्वरत्नसागर सूरीश्वरजी ने कहा कि हम सभी को गर्व होना चाहिए कि हम सौभाग्य से जैन है। जैन परंपरा आपके आचरण को निर्माण करती है। हम भगवान महावीर के अनुयायी है। इसलिए हमें संप्रदाय से हटकर जैन धर्म को प्राथमिकता देते हुए जैन धर्म के प्रति समर्पित होना चाहिए। जैन पत्रकार जैन धर्म के सच्चे सिपाही होते है और सरस्वती आपके हाथों में बसी हुई है। अपने संप्रदाय और गुरु की मान्यता को कायम रखे। लेकिन जहां जैन और जिनशासन की बात आए वहां हाथ से हाथ मिलाकर एक जुट होना चाहिए। भगवान महावीर के उपदेश आज के समय में अत्यंत लोकोपयोगी हैं। उनके संदेशों को जन-जन तक पहुँचाकर ही लोक और परलोक को सुधारा जा सकता है।

बच्चों की संगत पर पैनी नजर होना चाहिए

श्री तीर्थरत्नसागर सूरीश्वर जी ने कहा कि हमारी नैतिक जिम्मेदारी है कि परिवार के साथ समाज के लिए भी कोई ऐसा कार्य करे कि हमारा धर्म सुरक्षित रहे। संगठन बनाने का एक मात्र उद्देश्य कि समाज में नया परिवर्तन आए। आज समाज के निचले व्यक्ति को समाज की ज्यादा आवश्यकता है। संगत सबसे ज्यादा असर करती है। इसलिए बच्चों की संगत पर विशेष पैनी नजर होना चाहिए। ताकि वह अपने धर्म से भटके नहीं। समाज को आप कुछ देंगे तो समाज भी एक दिन आपको कुछ भी अवश्य देगा। पीढ़ी को संस्कार देंगे तो देश सुधर जाएगा।

पत्रकारिता के बदलते स्वरूप पर गहन चिंतन

कार्यक्रम के दौरान विभिन्न सत्रों का आयोजन किया गया। जिसमें पत्रकारिता के वर्तमान स्वरूप, डिजिटल मीडिया के बढ़ते प्रभाव, फेक न्यूज की चुनौती, सामाजिक जिम्मेदारी और नैतिक मूल्यों पर विस्तार से चर्चा की गई। वक्ताओं ने कहा कि आज के दौर में पत्रकारिता केवल खबर देने तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि यह समाज को दिशा देने का महत्वपूर्ण माध्यम बन चुकी है।

वरिष्ठ पत्रकारों ने सुझाव साझा किए

वरिष्ठ पत्रकारों ने अपने अनुभव साझा करते हुए युवा पत्रकारों को निष्पक्षता, सत्यनिष्ठा और जनहित को प्राथमिकता देने का संदेश दिया। साथ ही यह भी बताया गया कि किस प्रकार बदलते समय में पत्रकारों को तकनीकी रूप से सक्षम होने के साथ-साथ अपने मूल मूल्यों को बनाए रखना आवश्यक है।

जैन पत्रकार अवार्ड समारोह में प्रदेशभर के उपस्थित जैन पत्रकारों का विशाल समूह।

पत्रकारों की सुरक्षा और अधिकारों पर विशेष चर्चा

कार्यक्रम में पत्रकारों की सुरक्षा, उनके अधिकारों और कल्याण से जुड़े कानूनों पर भी विशेष सत्र आयोजित किया गया। विशेषज्ञों ने बताया कि वर्तमान समय में पत्रकारों को कई प्रकार की चुनौतियों का सामना करना पड़ता है, ऐसे में उन्हें अपने अधिकारों की जानकारी होना बेहद जरूरी है। इस सत्र में पत्रकार सुरक्षा कानून, कानूनी सहायता और संस्थागत समर्थन पर भी विस्तृत जानकारी दी गई।

11 पत्रकारों को अवार्ड से सम्मानित किया

सुजानमल कोचट्टा जावरा, जवाहर डोसी महिदपुर, अभय सुराणा जावरा, राहुल जैन नीमच, कपिल पारीख मांडव, विनोद शाह विदिशा, गौरव दुग्गड़ चापड़ा, संदीप सृजन उज्जैन, गणतंत्र मेहता रतलाम, विजय गोखरु बड़नगर, राजेन्द्र सकलेचा नलखेड़ा को विशेष अवार्ड से सम्मानित किया गया।

समाज और पत्रकारिता के बीच सेतु का कार्य

आयोजन प्रमुख एवं प्रदेश संयोजक दीपक दुग्गड़ (इंदौर) ने बताया कि यह आयोजन जैन पत्रकारों को एक मंच पर लाने, उनके कार्यों को पहचान देने और समाज में सकारात्मक एवं जिम्मेदार पत्रकारिता को प्रोत्साहित करने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है। उन्होंने कहा कि पत्रकार समाज का दर्पण होता है और उसका दायित्व केवल समाचार देना नहीं, बल्कि समाज को सही दिशा दिखाना भी है। कार्यक्रम के प्रमुख लाभार्थी शाह बाबूलाल धनराज डोडिया गांधी परिवार (अहमदाबाद) रहे। जिनके सहयोग से यह आयोजन सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ।

संवाद, समन्वय और संकल्प का संदेश

पत्रकारों ने एकजुट होकर समाजहित में कार्य करने, निष्पक्ष और जिम्मेदार पत्रकारिता को बढ़ावा देने तथा सकारात्मक समाचारों को प्राथमिकता देने का संकल्प लिया। आयोजित “जैन पत्रकार महाकुंभ” न केवल एक आयोजन रहा, बल्कि यह पत्रकारों के लिए प्रेरणा, संवाद और आत्ममंथन का एक सशक्त मंच बनकर उभरा। जिसने आने वाले समय में पत्रकारिता को नई दिशा देने का संदेश दिया। संयोजक दीपक दुग्गड़ ने आभार व्यक्त किया।

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